संयुक्त प्रयास

पृष्ठभूमि

महासंघ प्रबंधन और सूक्ष्म वित्त पर पाठ्यक्रम - वर्ष 2010

चैतन्य संस्था 2010 से महासंघ प्रबंधन और सूक्ष्म वित्त पर पाठ्यक्रम आयोजित कर रही हैं। चैतन्य संस्था ने पचास संघो के निर्माण के लिए की गयी प्रक्रिया का अनुभव,व्यवहारिक क्षेत्र में कार्य अनुभव एवं पाठ्यक्रमों के संचालन के अनुभव को समेकित कर एक संक्षिप्त व्यावहारिक पाठ्यक्रम बनाने की पहल की जिससे विकासशील क्षेत्र में कार्य करने वाले पेशेवर अपने कैरियर/जीविका के मार्ग में वृद्धि कर सके|

आजीविका मंथन की शूरुवात - वर्ष 2011-2012

वर्ष 2011-2012 में चैतन्य संस्था ने “आजीविका मंथन” के एक भाग के रूप में क्षमता निर्माण के हस्तक्षेप के लिए एक आवश्यक मूल्यांकन अध्ययन किया। आजीविका मंथन, देश भर से आठ प्रबंधन संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों का एक संघ है, जिसका उद्देश्य आजीविका क्षेत्र में क्षमताएं विकसित करना है। भागीदारों में शामिल हैं – एक्स.एल.आर.आई जमशेदपुर, ई.डी.आई अहमदाबाद, दी लाइलाईहूड स्कूल हैदराबाद, टी.आई.एस.एस मुंबई, आई.आई.एम-उदयपुर, एक्स.आई.एम -भुबनेश्वर, एम.डी.आई गुड़गांव और चैतन्य, पुणे।

ई–लर्निंग सर्टिफिकेट कोर्स - वर्ष 2014

स्वयं सहायता समूह (एस.एच.जी) और संघ संचालन की अग्रणी विकास संस्था “चैतन्य” और भारत के प्रीमियर शैक्षणिक संस्थान टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सहयोग से एक कोर्स को बनाया गया है जिसका नाम “ई –लर्निंग सर्टिफिकेट कोर्स” है तथा यह कोर्स सामुदायिक संगठनो का व्यवस्थापन - “स्वयं सहायता समूह एवं संघ” पर आधारित है |अप्रैल 2014 में ई.डी.आई,अहमदाबाद में एक वर्कशॉप में चार एस.आर.एल.एम (बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश) के विशेषज्ञ प्रतिनिधियों के साथ दिसंबर 2014 में अन्य एक कार्यशाला जो की टी.आई.एस.एस (टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान) मुंबई में आयोजित की गयी जिसमे पाठ्यक्रम की वैधीकरण के लिए क्षेत्र में आवश्यकताओं की जानकारी हासिल करने में मदद की गयी|

चैतन्य प्रेरित WISE के बार मे - वर्ष 2016

स्वयं सहायता समूह (एस.एच.जी) और संघ संचालन की अग्रणी विकास संस्था “चैतन्य” और भारत के प्रीमियर शैक्षणिक संस्थान टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सहयोग से एक कोर्स को बनाया गया है जिसका नाम “ई –लर्निंग सर्टिफिकेट कोर्स” है तथा यह कोर्स सामुदायिक संगठनो का व्यवस्थापन - “स्वयं सहायता समूह एवं संघ” पर आधारित है |अप्रैल 2014 में ई.डी.आई,अहमदाबाद में एक वर्कशॉप में चार एस.आर.एल.एम (बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश) के विशेषज्ञ प्रतिनिधियों के साथ दिसंबर 2014 में अन्य एक कार्यशाला जो की टी.आई.एस.एस (टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान) मुंबई में आयोजित की गयी जिसमे पाठ्यक्रम की वैधीकरण के लिए क्षेत्र में आवश्यकताओं की जानकारी हासिल करने में मदद की गयी|

हमे जानीये

संयुक्त प्रयास

चैतन्य

चैतन्य एक विकास संगठन हें जो भारत में महाराष्ट्र के राजगुरुनगर में स्थित है | यह सन 1993 से महिला समुदाय पर आधारित माइक्रोफाइनांस को ग्रामीण गरीबों के लिए बढ़ावा दे रहा है स्व-सहायता समूहों के माध्यम से। यह संगठन वित्तीय सेवाओं को आत्म स्थायी तरीके से प्रदान करके, समुदाय पर आधारित संगठनो को बढ़ावा देता है जिससे ग्रामीण गरीब आत्म निर्भर हो सके और साथ ही गरीबी ,लिंग असमानता एवं ग्रामीण महिलाओं की निर्माण क्षमता से सम्बंधित मुद्दे त्रि - स्तरीय संरचना के माध्यम से संबोधित हो सके जो है :

  • सामुदायिक संघ
  • ग्राम संगठन
  • स्वयं सहायता
समूह यह विकास संगठन सीधे समुदायों के साथ काम करता हैं,और इनका यह जमीनी स्तर का अनुभव क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने और प्रासंगिक नीतियों को प्रभावित करने में मदद करता है।

टी.आई.एस.एस
टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान,मुंबई

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टी.आई.एस.एस) उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त एक संस्था है जो वर्ष 1936 में स्थापित की गयी थी “सर दोराबजी टाटा ग्रेजुएट स्कूल ऑफ सोशल वर्क” के रूप में वर्ष 1964 में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट (यूजीसी) के तहत इसे विश्वविद्यालय घोषित किया गया।

वर्षों से, संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान, क्रिया क्षेत्र और विस्तार के माध्यम से समाज और विकासशील क्षेत्र में लगातार योगदान दिया है।
यह एक लोक-केन्द्रित, पारिस्थितिक रूप से स्थायी और सिर्फ समाज बनाने का प्रयास करता है जो सभी के लिए गरिमा, समानता, सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों को बढ़ावा देता है और रक्षा करता है।राष्ट्रीय आकलन और प्रत्यायन परिषद ने 2002 में टीआईएसएस को 5 सितारा रेटिंग प्रदान की।


जे.एस.एल.पी.एस
झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी

परिचय
झारखण्ड राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी का गठन 2009 में हुआ। सोसाईटी के गठन का महत्त्वपूर्ण उद्देश्य-राज्य से गरीबी उन्मूलन हेतु विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ गरीब परिवारों तक पहुँचाना तथा उन्हें आजीविका से जोड़कर सशक्त समाज व राज्य का निर्माण करना है। जो अपने लक्ष्य की पूर्ति हेतु विभिन्न सरकारी गैर-सरकारी संस्थान एवं आमजन के साथ समन्वय स्थापित कर आगे बढ़ रही है। सोसाईटी आजीविका के अलावा पूरे राज्य में आदर्श ग्रामएसांसद आदर्श ग्रामए ब्ड स्मार्ट ग्राम योजनायेंए सामाजिक अकेंक्षणए संजीवनी परियोजनाए विश्व बैंक संपोषित जोहार परियोजनाए श्रभ्डक्प् आदि को भी क्रियान्वित कर रही है। झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी ;श्रैस्च्ैद्ध को राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2011 (सितम्बर) से राज्य में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यक्रम को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसके बाद वित्त वर्ष 2012-13 से सोसाईटी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ;छत्स्डद्ध की गतिविधिओं का क्रियान्वयन प्रारंभ किया। झारखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य निर्धन ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रभावी संस्थागत आधार तैयार करना है ताकि वे आजीविका में सतत् वृद्वि के जरिए अपने परिवार की आय को बढ़ा सके और बेहतर वित्तीय सेवाएँ प्राप्त कर सके। जिसके लिए चरणबद्व कार्यक्रम सघन एवं असघन रूप से सभी जिलों के प्रखण्डों व पंचायत स्तर तक चलाए जा रहे हंै। इस कार्यक्रम के जरिय प्रावधन है कि गरीबी रेखा से नीचे के प्रत्येक ग्रामीण परिवार की एक महिला सदस्य को स्वयं सहायता समूह के दायरे में लाया जाए। इसके अलावा क्षमता निर्माण व कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण एवं वित्तीय समावेशन भी किया जा रहाहै। झारखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने 8 से 10 वर्षों की अवधी में स्वंय सहायता समूहों औरनिर्धन महिलाओं की सघनबद्व संस्थाओं के जरिये राज्य के सभी गाँवों को गरीबी से उबारने के लिए उन्हें सतत् सहायता प्रदान करने का एजेंडा तय किया है। ताकि गरीबों के लिए चलाया गया यह कार्यक्रम गरीबों द्वारा चलाया जानेवाले उन्हीं का कार्यक्रम बन जाए और राज्य से गरीबी के कुचक्र को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।

विजन और मिशन रू
जमीनी स्तर पर निधर््ानों की सशक्त संस्थाएं बनाकर, निर्धन परिवारों को लाभप्रद स्वरोजगार एवं हुनरमंद मजदूरी रोजगार के अवसर प्राप्त करने में समर्थ बनाते हुए गरीबी को कम करना, जिसके परिणामस्वरूप उनकी आजीविका में सतत् आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

हमारी टीम

सलाहकार

परितोष उपाध्याय विशेष सचिव

ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, JSLPS

सुधा ताई कोठारी प्रबंध ट्रस्टी

प्रबंध ट्रस्टी,चैतन्य

एस.परसुरामन निदेशक

TISS निदेशक

श्री विष्णु चरण परीडा परिचालन पदाधिकारी

मुख्य परिचालन अधिकारी

नसरीन रुस्तोमफ्रम चेयरपर्सन

मसेंटर फॉर लाइफलॉन्ग लर्निंग (टी.आई.एस.एस.)

पाठ्यक्रम निदेशक

कल्पना पंत प्रोजेक्ट डायरेक्टर

प्रोजेक्ट डायरेक्टर (चैतन्य) एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (वाइज) चैतन्य वाइज

अरिंदम मिश्रा राज्य समन्वयक

राज्य समन्वयक SRC (अतिरिक्त इंचार्ज राज्य कार्यक्रम प्रबंधक – SD)

समन्वयक

मिनाक्षी प्रकाश दस्तावेज़ीकरण अधिकारी

दस्तावेज़ीकरण अधिकारी

फ़ानिप्रिया नंदूलाहेड,लर्निंग एवं डेवलपमेंट

हेड, लर्निंग एवं डेवलपमेंट , चैतन्य वाइज

श्री हितेंद्र सिंह राज्य कार्यक्रम प्रबंधक

राज्य कार्यक्रम प्रबंधक-एच.आर, जे.एस.एल.पी.एस

किशोर माली कोऑर्डिनेटर

लर्निंग एवं डेवलपमेंट ,चैतन्य वाइज

अनिल कुमार कोऑर्डिनेटर

एम.आई.एस.कोऑर्डिनेटर,जे.एस.एल.पी.एस

डॉ.साबीहाफैकल्टी CLL
डॉ.लता दास फैकल्टी CLL
डॉ.चित्तूरफैकल्टी CLL