संयुक्त प्रयास

अभिस्वीकृति

हम इस कोर्स के विकास में अपना बहुमूल्य समय व योगदान देने के लिए कई लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं | सर्वप्रथम डॉ. अजीत कानितकर का धन्यवाद जिन्होंने हमारे अनुभव और ज्ञान को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से व्यक्त करने की क्षमता पर विश्वास किया | महाराष्ट्र ज्ञान निगम लिमिटेड ने शिक्षा देने के एक नए माध्यम के बारे में प्रारंभिक सलाह दी और टीम को निर्देशित किया | लाईवलीहुड मंथन में हमारे सहयोगी भागीदारों को उनकी सलाह, सुझावों और पाठ्यक्रम के डिज़ाइन व कार्यान्वयन के लिए अधिक आभार |

कोर्स के पूरा होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले XIMB से डॉ. शम्भू प्रसाद का अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने के लिए विशेष धन्यवाद | EDI अहमदाबाद के डॉ. दिनेश अवस्थी भी एक सलाहकार कार्यशाला के माध्यम से SRLM भागीदारों के साथ पाठ्यक्रम विवरण साझा करने का प्रयास सफल किया |अद्भुत कहानियां, जो पाठ्यक्रम में एक प्रमुख शिक्षण उपकरण हैं, वह लिखने के लिए फिल्म निर्माता और आजीविका पेशेवर सुश्री ज्योति पाटिल का धन्यवाद | मध्यप्रदेश, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों से SRLM भागीदारों ने पाठ्यक्रम की सामग्री पर अपनी महत्वपूर्ण राय दी |

झारखंड स्टेट लाईवलीहुड सोसाइटी (JSLPS) ने एक नई साझेदारी की शुरुआत की और हमारे ई-लर्निंग कोर्से (अंग्रेजी माध्यम) को नयी दिशा देते हुए इस कोर्स की रूप रेखा को पूर्णतः हिन्दी माध्यम का ई-लर्निंग कोर्से बनाने में अपनी सक्रीय भूमिका निभाई | इस कोर्स के डिजाईन व इसकी विषय वस्तु के विकास में कदम दर कदम साथ चले और हमें विस्तृत प्रशिक्षण सामग्री भी प्रदान किया | साथ ही राज्य में SRLM के परिप्रेक्ष्य में इस पाठ्यक्रम पर निरन्तर बेहतर सुझाव व प्रतिक्रियायें भी दी | श्री अरिंदम मिश्रा, श्री हितेंद्र सिंह, श्रीमती मीनाक्षी प्रकाश, श्री अनिल कुमार और JSLPS की समस्त टीम को उनके सक्रीय समन्वय, निरंतर समीक्षा व विशेष टिप्पणियों के लिए आभार |

श्री आनंद ठक्कर और ‘लर्निंग कंसल्टेंट्स’ की पूरी टीम ने पाठ्यक्रम सामग्री को ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म में परिवर्तित करने में अपना बहुत समय व्यतीत किया और व्यापक पहुंच के लिए हमारे विचारों को स्पष्ट करने में हमारी मदद की | TISS के साथ साझेदारी में पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए सामग्री की समीक्षा करने, हमें प्रोत्साहित करने और सहायता देने के लिए सेंटर फॉर लाइफ-लॉन्ग लर्निंग, TISS मुंबई से डॉ. नसरीन रुस्तमफ्राम के लिए बहुत आभार | लेखन और पाठ्यक्रम डिज़ाइन में श्रद्धा रावत व स्वाति सक्सेना के योगदान के लिए विशेष धन्यवाद | सामग्री लेखन व अंग्रेज़ी-हिंदी अनुवाद के लिए हम अमित सिंह, और इंडिया फेलो – अंकिता चौरसिया व इशिता आखून को भी धन्यवाद देना चाहेंगे |

जिस लगन व निष्ठा के साथ चैतन्य के अनंत मस्करे, कुमार घोलाप और जया कटले ने पाठ्यक्रम की सामग्री में अपनी अनुभवात्मक शिक्षा का योगदान दिया, उसकी हम सराहना करते हैं | चैतन्य के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़, विशेष रूप से डॉ. सुधा कोठारी और श्रीमती सुरेखा श्रोत्रिय के समर्थन, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन के बिना पाठ्यक्रम संभव नहीं हो सकता था | हम पाठ्यक्रम के विकास के अंतिम चरण में सुझावों और प्रतिक्रिया के लिए ई-लर्निंग पाठ्यक्रम के सलाहकारों के बोर्ड को भी धन्यवाद देते हैं | सर्वोपरि, हमारे सभी संघों के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समूह सदस्यों का धन्यवाद, जो हमारी सीख जिसे हम इस पाठ्यक्रम के द्वारा प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं, उसका मुख्य तत्व हैं |