संयुक्त प्रयास

कोर्स अवलोकन

सामुदायिक संगठनो का व्यवस्थापन “स्वयं सहायता समूह एवं संघ प्रबंधन” पाठ्यक्रम का उद्देश्य समुदाय के आधार पर सूक्ष्म वित्त के क्षेत्र में युवाओं की क्षमता निर्माण करना और बनाना है उन्हें पाठ्यक्रम के महत्व और आवश्यक , ज्ञान और कौशल प्रदान करके ताकि गरीबी के मुद्दों को जड़ स्तर पर संबोधित किया जा सके।

पाठ्यक्रम से लाभ:

  • टी.आई.एस.एस और चैतन्य द्वारा संयुक्त​ ​प्रमाण पत्र​

    पाठ्यक्रम को आवश्यक न्यूनतम अंकों और उपस्थिति के साथ सभी मूल्यांकन घटकों में पूरा करने पर प्रतिभागी को ​टी.आई.एस.एस और चैतन्य द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाणित कोर्स पूरा करने का प्रमाण पत्र प्राप्त होगा।

  • ​कौशल विकास​​​ और रोजगार

    प्रतिभागी​ वह कौशल लागू करने में सक्षम होंगे , जिन्हें उन्हें जमीनी स्तर पर कोर्स में सिखायाजायेगा. इस कौशल की मांग विकास के क्षेत्र में काम करने वाली भिन्न शासकीय और गैर शासकीय संस्थाओं व CSR को है. इस माध्यम से प्रतिभागियों के रोज़गार के अवसर बढ़ जायेंगे.

  • गरीबी, लिंग और विकास, पर और इससे जुड़ी सरकारी कार्यक्रमों पर एक व्यापक समझ

    गरीबी, लिंग और विकास, पर एक व्यापक परिप्रेक्ष्य विकसित करना जिससे ​ समुदाय के साथ एक संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ ​काम किया जाये​। गरीबी उन्मूलन और इसकी पहुच के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न दृष्टिकोणों पर एक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य का विकास करना |

  • स्वयं सहायता समूह, और संघ ​​ की अवधारण समझना

    महिलाओं की सामूहिकता, स्वयं सहायता समूह , ग्राम संगठन / समूहों और स्वयं सहायता समूह के संघ को समझना| गरीबी मूल्यांकन के उपकरण, लेखा संधारण , लेखा परीक्षा और उन्नयन को समझना | एवं स्वयं सहायता समूह , ग्राम संगठन / समूह और स्वयं सहायता समूह संघ जैसे समुदाय पर आधारित संस्थानों के क्षेत्रीय कार्यों के माध्यम से डिजाइन और गठन करना |

  • योग्य ​मानव संसाधन, प्रबंधन और अभिशासन द्वारा आत्मनिर्भर संघ की दिशा में कार्य

    मानव संसाधन के प्रबंधन, नेतृत्व और प्रशासनिक कौशल के माध्यम से बदलाव लाने के लिए एजेंट के रूप में कार्य करना एवं उक्त बिंदुओ पर प्रबंधकीय क्षमताएं प्राप्त करना | समूह संघ अवधारणा को आत्मनिर्भर संस्थानों के रूप में और विविध आय स्रोतों और सीमित व्यय के रूप में डिजाइन और गठन करना |

पाठ्यक्रम विशेषताएं

दूर शिक्षण

यह पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए कुछ माह या वर्ष निरंतर वर्ग में बैठना आवश्यक नहीं है. घर पर बैठकर या सफ़र के दौरान भी यह शिक्षण पूरा किया जा सकता है. छः महीने में सिर्फ १५ से २० दिवस अपनी शंकाओं के समाधान और विशेषज्ञ द्वारा नयी जानकारी के लिए, या फिर असाइनमेंट देने के लिए कक्षा में आने की जरूरत है. यह कोर्स किसी कारणवश छः महीने में पूर्ण नहीं कर पाए तो एक वर्ष में पूरा करने का प्रावधान है|

दो भाषा माध्यम

हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में यह कोर्स उपलब्ध है. हिंदी को अधिक सरल बनाने का प्रयास किया है ताकि दसवीं पास महिलाएं भी आसानी से समझ सकें|

डिजिटल साक्षरता

सॉफ्टवेयर और इंटरनेट का उपयोग दो दे तीन महीनों में सीखना इस पाठ्यक्रम को पूर्ण करने के लिए लिए आवश्यक है. इससे डिजिटल साक्षरता करने की जिज्ञासा और क़ाबलियत बढ़ेगी |

अतिथि लेक्चर

देश भर से समूह और संघ से सम्बंधित विशेषज्ञों को क्लास में लेक्चर देने के लिए आमन्त्रित किया जायेगा, ताकि सभी शंकाओं का समाधान हो सके|

क्षेत्र कार्य

इस अभ्यासक्रम की विशेषता है कि 30% मूल्यांकन गाँव में महिलाओं के साथ समूह और संघ की अवधारणा को कार्यान्वित करने के लिए है. सिर्फ जानकारी ही नहीं उसे अमल में लाने को भी भी इस कोर्स में विशेष महत्त्व दिया गया है|

प्रभावी और मजेदार

यह पाठ्यक्रम ज्ञान और कौशल को भिन्न खेल, फिल्म और नयी परीक्षाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत है. सीख में आनंद भी आये और आत्मविश्वास भी बढ़े यह कोर्स की विशेषता है|

पाठ्यक्रम संरचना

  • उन्मुखीकरण प्रशिक्षण

    पाठ्यक्रम सॉफ्टवेयर का उपयोग करने के लिए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण

  • अध्ययन सामग्री

    हर छात्र को स्व-अध्ययन के लिए पाठ्यक्रम डीवीडी और अन्य पाठ्य सामग्री

  • फील्ड कार्य

    मॉड्यूल आधारित असाइनमेंट के साथ मॉड्यूल आधारित क्षेत्रीय कार्य अवधि ​प्रति माह 3-4 दिन (कुल क्षेत्रीय कार्य दिवस - 30 दिन)

  • मुल्यांकन

    मासिक आधार पे ऑनलाइन और आमने सामने मुल्यांकन

  • कक्षा सत्र

    अध्ययन केन्द्र में 15 दिवस कक्षा सत्र 2-3 प्रति दिन माह

  • प्रमाण पत्र

    अंतिम मुल्यांकन और प्रमाण पत्र

पाठ्यक्रम घटक

पाठ्यक्रम मॉड्यूल

मॉड्यूल 1
मूलभूत गरीबी, लिंग और विकास

गरीबी चक्र, गरीबी के कारण व मापदंड, महिलाओं पर गरीबी का प्रभाव, जेंडर की समझ, सरकारी योजनायें व भारत में ग्रामीण वित्तीय संस्थान


मॉड्यूल 2
समूह के सिद्धांत,संरचना और प्रक्रियाएं

समूह के सिद्धांत, संरचनाएं और प्रक्रियाएं, समूह में नियम, भूमिकाएं और जिम्मेदारियां व समूहों के माध्यम से गरीबी उन्मूलन, वित्तीय साक्षरता, आजीविका और महिला सशक्तिकरण

मॉड्यूल 3
समूह लेखांकन और ऑडिट

पुस्तकों के प्रकार, लेखा संधारण की आवश्यकता, लेखा संधारक की भूमिका, समूहों में ऑडिट व ग्रेडेशन का महत्व एवं प्रक्रिया


मॉड्यूल 4
ग्राम संगठन-अवधारणा, संरचना और वित्तीय प्रबंधन

ग्राम संगठन की ज़रूरत, संकल्पना व निर्माण, पदाधिकारियों की भूमिकाएं और ज़िम्मेदारियां, ग्राम सगठन के मॉडल, उनके कार्य, सेवाएं, रिकॉर्ड, स्थिरता व निगरानी

मॉड्यूल 5
गरीबों के संस्थानों का निर्माण

महिलाओं के संघ का परिचय, आवश्यकता, महत्व एवं कार्य, संघ में सदस्यता, बैठक, योजना व प्रशिक्षण, पुस्तक लेखन, लेखा संधारण और ऑडिट



मॉड्यूल 6
संघ में मानव संसाधन प्रबंधन और विकास

संघ की संरचना, पद, कार्यकर्ताओं का चयन, भूमिकाएं, क्षमता निर्माण, विकास, कार्यों का मूल्यांकन, मतभेद समाधान और प्रभावी संचार



मॉड्यूल 7
संघ में नेतृत्व और स्वशासन को बढ़ावा

स्वशासन व सुशासन, नीतियां, संचालक मंडल, विभिन्न चुनौतियाँ, संघ का पंजीकरण, चुनाव प्रक्रिया व वार्षिक आम सभा

मॉड्यूल 8
संघ के सन्दर्भ में स्थायी संस्थानों का निर्माण

स्थिरता और उसके आयाम, वित्तीय और संस्थागत स्थिरता, पूँजी के स्रोत, स्थिर संघ के मॉडल, क्रेडिट रेटिंग और सामाजिक रेटिंग

क्षेत्र कार्य

गरीबी का आकलन


सरकार की गरीबी उन्मूलन योजनाओं का आवागमन

समूह गठन और बैठक


समूह का लेखासंधारण,लेखा परीक्षा और उन्नयन

क्लस्टर / ग्राम संगठन का गठन और उनके कार्य

समूह महासंघों में नेतृत्व और प्रशासनिक भूमिकाएं

कोर्स क्रेडिट और अवधि

पाठ्यक्रम में दिए गए क्रेडिट संरचना यू.जी.सी के मानदंडों और निम्नानुसार है:20 क्रेडिट (सिद्धांत के लिए 14 क्रेडिट और फ़ील्ड कार्य के लिए 6 क्रेडिट).
एम. सी . ई. आई. सी .पी .ई के लिए वास्तविक अवधि 6 महीने की है, जबकि छात्र 1 वर्ष में पंजीकरण पूरा करने के दौरान से पाठ्यक्रम पूरा कर सकते हैं।

क्षेत्र कार्य

क्रेडिट:6

पाठ्यक्रम मॉड्यूल

क्रेडिट:14

कौन आवेदन कर सकता है?

  • वर्तमान में एन.आर.एल.एम में काम कर रहे कोई भी व्यक्ति या एन.आर.एल.एम में नौकरी के लिए जिनके द्वारा आवेदन किया गया हो|
  • सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रशिक्षकों जो कि कर्मचारियों की ट्रेनिंग का संचालन करने के लिए स्वयंसहायता समूह संघ को बढ़ावा देने में रुचि रूचि रखते है |
  • माइक्रोफाइनेंस/ सूक्ष्म वित्त क्षेत्र को समझने में इच्छुक अन्य पेशेवर|
  • विकास क्षेत्र में शामिल होने में रुचि रखने वाले छात्र या फेलो|

शुल्क संरचना

  • कोर्स

    प्रशिक्षित द्वारा प्रशिक्षण
  • जो विद्यार्थी क्लास रूम /कक्षा में बैठकर प्रशिक्षित द्वारा प्रशिक्षण लेना चाहते है उन्हें छह महीने में 15 दिवस के लिए निर्धारित तारीख को इंदौर ऑफिस आना होगा | शुल्क विवरण निम्नलिखित है|

  • फीस (रूपए में ) 10,000
  • कोर्स

    कोर्स सामग्री ( डी. वि. डी )
  • जो विद्यार्थी डी. वि . डी के माध्यम से प्रशिक्षित होना चाहते है उनके लिए शुल्क विवरण निम्नलिखित है :
  • फीस (रूपए में ) 6,000

अन्य पाठ्यक्रम

MFDM
माइक्रो फाइनेंस विकास एवं प्रबंधन

यह छह महीने का सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम है जो माइक्रो-फायनेंस में प्रबंधक की भूमिका को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है | इसमें 15 प्रमुख वर्ग शामिल हैं, जिसमें मनोदृष्टि, ज्ञान और कौशल के निर्माण को बढ़ावा दिया गया है |
पाठ्यक्रम दो भागों में विभाजित है - सर्टिफिकेट और डिप्लोमा

  • सर्टिफिकेट कोर्स में जहाँ सूक्ष्म-वित्त की मूल बातें शामिल हैं|
  • डिप्लोमा कोर्स कई तकनीकी पहलुओं को समझाता है जिससे छात्रों को परिचालन के बारे में गहरा ज्ञान मिलता है |

पाठ्यक्रम के दौरान छात्रों को क्षेत्रीय कार्य दिया जाता है और अंत में,परीक्षा से पहले, ब्लॉक स्तर पर उनकी नियुक्ति / इंटर्नशिप सुनिश्चित कि जाती है|इस दौरान छात्रों को एक महीने के लिए अलग-अलग सामाजिक विकास संगठनों में रखा जाता है जहां वे एक परियोजना के अंतर्गत अपनी सीख का उपयोग करते हैं पाठ्यक्रम विभाग और संबंधित संगठनात्मक स्टाफ द्वारा उनकी निगरानी की जाती है |
पाठ्यक्रम में अंत में एक लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है जहाँ छात्रों का कम, कक्षा में भागीदारी और परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाता है |

NGO
प्रबंधन और संसाधन जुटाना

जहाँ एक ओर जागरूकता बढ़ाने और क्षमता निर्माण में गैर सरकारी संगठनों का योगदान स्वीकार किया गया है, उन्होंने स्वयं के विकास को काफी नज़रंदाज़ किया है |

कॉर्पोरेट और सरकारी क्षेत्र के विपरीत, जहां एक निश्चित प्रक्रिया के माध्यम से अधिकारियों का चयन किया जाता है, गैर-सरकारी संगठनों में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण में काफी कम निवेश किया गया है क्योंकि यहाँ अच्छी गुणवत्ता वाले ऐसे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम कम हैं को उचित मूल्य पर उपलब्ध हों | क्षेत्र के लिए भारतीय अनुभव पर आधारित अच्छे संसाधनों की सामग्री भी कम है | इसके अलावा, विकास क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए शायद ही कोई अल्प-कालिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं |

क्षमता निर्माण के माध्यम से संगठनात्मक विकास में सफलता हासिल करने के बाद, चैतन्य की एक इकाई, मंथन कार्यक्रम ने ऐसे युवाओं के साथ ज्ञान और अनुभव साझा करने का निर्णय लिया जो संगठनात्मक परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए दिलचस्पी रखते हैं |
इस कोर्स का लक्ष्य है क्षेत्र में अच्छे संगठनों के सम्भावित नेताओं का ज्ञान बढ़ाना और कौशल सुधारना | इसके लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री और कम से कम तीन साल के काम के अनुभव की आवश्यकता है (विकास या किसी अन्य क्षेत्र में) |

YCMOU
समूह सुलभकर्ता पाठ्यक्रम

चैतन्य ने YCMOU (यशवंत राव चव्हाण महाराष्ट्र ओपन यूनिवर्सिटी) के साथ इस पाठ्यक्रम की शुरुआत की | इसका मुख्य उद्देश्य था स्वयं सहायता समूहों के लिए एक सामन्य दृष्टिकोण विकसित करना |

इसमें संघों की टीम बेहतर करने पर और पदाधिकारियों की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है | साथ ही, भविष्य में संभावित जानकार, पदाधिकारियों की पहचान और बेहतर क्षमता से संघों में होने वाले बदलावों पर भी कुछ सत्र शामिल किये गए हैं |

यह पाठ्यक्रम चैतन्य के सभी संघों के सुलभकर्ताओं के लिए चलाया गया था जिसके बाद संघों के वित्तीय और सामाजिक क्षमता में बदलाव देखे गए, जो उनके कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की क्षमता वृद्धि से हुआ था |